Beti Ki Paati - Smt Urmila Sheokand - Books - Notion Press - 9781646781218 - December 2, 2019
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Beti Ki Paati

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मेरी दà¥à¤¸à¤°à¥€ पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• "बेटी की पाती" को मैंने मेरी माठऔर पिताजी को समरà¥à¤ªà¤¿à¤¤ किया है। माठबचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की गà¥à¤°à¥ होती है । जिनके साये में बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को अचà¥à¤›à¥‡ संसà¥à¤•ार मिलते हैं। मेरे लिये दोनों ही मेरी पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾ रहे हैं। माठअब इस दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में नहीं है मेरी माठकी सोच औरतों के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ बहà¥à¤¤ मान समà¥à¤®à¤¾à¤¨ वाली थी । उनकी इसी सोच की वजह से मैनें इस पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• में बेटीयों तथा औरतों के सामाजिक परिवेश को आप तक पहà¥à¤‚चाने की कोशिश की है । मेरे पिता का आशीष अभी मेरे सिर पर है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने सनॠ1957 में अधà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¨ के कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में कारà¥à¤¯ शà¥à¤°à¥‚ किया और अनेकों उपलबà¥à¤§à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ हासिल की। शिकà¥à¤·à¤¾ और खेल को बढ़ावा दिया। कई बार गांव की पंचायतों के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ ईनाम हासिल किये। अनà¥à¤¤ में सनॠ1988 में पà¥à¤°à¤¿à¤‚सिपल के पद से सेवानिवृत हà¥à¤¯à¥‡à¥¤ मेरी खà¥à¤¶à¤¨à¤¸à¥€à¤¬à¥€ है जो 90 साल की आयू में उनà¥à¤¹à¥‹à¤¨à¥‡à¤‚ मेरी पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• को अपनों शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ के माधà¥à¤¯à¤® से आशीष दिया। आप दोनों को सादर नमन करती हूठऔर आपके सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रहने की कामना के साथ अपने शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ को विराम देती हूà¤..... आपकी बेटी ... उरà¥à¤®à¤¿à¤² शà¥à¤¯à¥‹à¤•नà¥à¤¦ ।

Media Books     Paperback Book   (Book with soft cover and glued back)
Released December 2, 2019
ISBN13 9781646781218
Publishers Notion Press
Pages 130
Dimensions 140 × 216 × 8 mm   ·   172 g
Language Hindi